पूरब और पश्चिम के बीच जो फ़ासला है, वह क़िबला है।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे मालिक ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: पूरब और पश्चिम के बीच जो फ़ासला है, वह क़िबला है।

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «ما بَيْن المَشْرِق والمَغْرِب قِبْلة».

हदीस की व्याख्या: पूरब और पश्चिम के बीच जो फ़ासला है, वह क़िबला है।

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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद