खाने की मौजूदगी में नमाज़ न पढ़ी जाए और न उस समय जब इन्सान को पेशाब-पाखाना की हाजत सख़्त ह…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: खाने की मौजूदगी में नमाज़ न पढ़ी जाए और न उस समय जब इन्…

हदीस की व्याख्या: खाने की मौजूदगी में नमाज़ न पढ़ी जाए और न उस समय जब इन्…

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने खाने की उपस्थिति में नमाज़ पढ़ने से मना किया है कि इन्सान खाने पर अटका हुआ रहे और वह पूरी एकाग्रता के साथ नमाज़ न पढ़ सके।

इसी तरह जब बहुत ज़ोरों के साथ पेशाब-पाखाना लगा हुआ हो, तो उस समय भी नमाज़ पढ़ने से मना किया है, क्योंकि आदमी का ध्यान बटा हुआ रहता है।

सीख: खाने की मौजूदगी में नमाज़ न पढ़ी जाए और न उस समय जब इन्…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ियों से होने वाली गलतियाँ

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سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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