इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझे उसी तरह तशह्हुद सिखाया, जैसे क़ुरआन की सूर…
स़ह़ीह़विषय-सूची :
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 2 मिनट पढ़ने का समयعَنِ ابْنَ مَسْعُودٍ رضي الله عنه قَالَ: عَلَّمَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، وَكَفِّي بَيْنَ كَفَّيْهِ، التَّشَهُّدَ، كَمَا يُعَلِّمُنِي السُّورَةَ مِنَ القُرْآنِ: «التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ، وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، السَّلاَمُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ، السَّلاَمُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ، أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ».
وفي لفظ لهما: «إِنَّ اللهَ هُوَ السَّلَامُ، فَإِذَا قَعَدَ أَحَدُكُمْ فِي الصَّلَاةِ فَلْيَقُلْ: التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ السَّلَامُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللهِ وَبَرَكَاتُهُ، السَّلَامُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللهِ الصَّالِحِينَ، فَإِذَا قَالَهَا أَصَابَتْ كُلَّ عَبْدٍ لِلَّهِ صَالِحٍ فِي السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ، أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ، ثُمَّ يَتَخَيَّرُ مِنَ الْمَسْأَلَةِ مَا شَاءَ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु को तशह्हुद सिखाया, जिसे नमाज़ में पढ़ा जाता है। उस समय अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु का हाथ आपके दोनों हाथों के बीच में था, ताकि उनका पूरा ध्यान आपपर केंद्रित रहे। आपने उनको तशह्हुद इस तरह सिखाया, जिस तरह उनको क़ुरआन की सूरा सिखाया करते थे, जो इस बात का प्रमाण है कि आपको इस तशह्हुद के शब्दों एवं अर्थ दोनों का ख़्याल था। अतः आपने कहा : "التَّحِيَّات لله" : हर सम्मान सूचक कथन एवं कार्य का हक़दार सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह है। "الصَّلَوَاتُ" : फ़र्ज़ एवं नफ़ल नमाज़ें अल्लाह के लिए हैं। "الطَّيِّبَاتُ" : पवित्र तथा संपूर्णता के परिचायक कथनों, कार्यों एवं गुणों का हक़दार अल्लाह है। "السلام عليك أيها النبي ورحمة الله وبركاته" : यह अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लिए हर आफ़त एवं अप्रिय वस्तु से सुरक्षा तथा हर प्रकार की भलाई में वृद्धि एवं प्राचुर्य की दुआ है। "السلام علينا وعلى عباد الله الصالحين" : नमाज़ी तथा आकाश एवं धरती के हर सदाचारी बंदे के लिए सुरक्षा की दुआ। "أشهد أن لا إله إلا الله" : मैं पूरी दृढ़ता से इस बात का इक़रार करता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है। "وأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ ورسولُهُ" : मैं आपके लिए बंदगी और अंतिम दूतत्व का इक़रार करता हूँ।
फिर अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इस बात की प्रेरणा दी कि जो दुआ चाहे करे।
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