इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > अगर नमाज़ी के सामने से गुज़रने वाला जान ले कि उसपर कितना गुनाह है, तो नमाज़ी के सामने से ग…
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27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي جُهَيْمِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ الصِّمَّةِ الأنصاري رضي الله عنه مرفوعاً: «لو يعلم المار بين يدي الْمُصَلِّي ماذا عليه لكان أن يَقِفَ أربعين خيرا له من أن يَمُرَّ بين يديه».
قال أَبُو النَّضْرِ: لا أدري: قال أربعين يوما أو شهرا أو سنة.
नमाज़ी अपने रब के सामने खड़ा उससे वार्तालाप करता और उसे पुकारता है। अतः, जब नमाज़ की अवस्था में कोई उसके सामने से गुज़रता है, तो इस वार्तालाप को भंग करता है और उसकी इबादत में खलल डालता है। यही कारण है कि जो व्यक्ति नमाज़ी के सामने से गुज़रकर उसकी इबादत में खलल डाले, वह बड़े पाप का हकदार बन जाता है।
नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने यहाँ बताया है कि अगर नमाज़ी के समाने से गुज़रने वााला यह जान ले कि वह अपने इस कार्य के कारण कितने बड़े पाप का भागीदार बनेगा, तो उसके सामने से गुज़रने की तुलना में लंबे समय तक अपने स्थान में खड़े रहना पसंद करेगा।
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