हम लोग अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ रमज़ान के महीने में सख्त गर्मी के स…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: हम लोग अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ…

عن أَبِي الدَّرْدَاءِ رضي الله عنه قال: «خَرَجْنَا مع رسول الله صلى الله عليه وسلم في شهر رمضان، في حَرٍّ شَدِيدٍ ، حتى إن كان أَحَدُنَا لَيَضَعُ يَدَهُ على رأسهِ من شِدَّةِ الْحَرِّ. وما فِينَا صائمٌ إلا رسولُ الله صلى الله عليه وسلم وعبد ُالله بن رَوَاحَةَ».

हदीस की व्याख्या: हम लोग अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ…

अबू दर्दा -रज़ियल्लाहु अनहु- बयान करते हैं कि वे रमज़ान के महीने में एक यात्रा में निकले। यह सख्त गर्मी का समय था। गर्मी इतनी सख्त थी कि लोग गर्मी से बचने के लिए अपने सरों पर अपने हाथ रख लिया करते थे। उस यात्रा में (रमज़ान का महीना होने के बावजूद) केवल अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- और अब्दुल्लाह बिन रवाहा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने रोज़ा रखा था। उन दोनों ने तकलीफ़ उठाकर रखा था। इससे प्रमाण मिलता है कि यात्रा के दौरान ऐसी कठिनाई के साथ रोज़ा रखने की अनुमति है, जिससे जान का ख़तरा न हो।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · रोज़े · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · उज़्र वाले लोगों के रोज़े

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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