इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जब तुममें से कोई लोगों को नमाज़ पढ़ाए, तो हल्की पढ़ाए। क्योंकि उनके अंदर दुर्बल, रोगी तथा …
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعًا: «إذا صلى أحدكم للناس فَلْيُخَفِّفْ فإن فيهم الضعيف والسَّقِيمَ وذَا الحاجة، وإذا صلى أحدكم لنفسه فَلْيُطَوِّلْ ما شاء».
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने इमामों को आदेश दिया है कि सुन्नत पर अलम करते हुए नमाज़ हल्की पढ़ाया करें। आपने इसका कारण यह बयान किया कि उनके पीछे शारीरिक रूप से दुर्बल, निर्बल, बीमार और हाजतमंद लोग भी हुआ करते हैं। हाँ, यदि अकेले नमाज़ पढ़ें, तो चाहें तो लंबी नमाज़ पढ़ें या चाहें तो हल्की पढ़ें।
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