वह वचन, जो हमारे और उनके बीच है, नमाज़ है। जिसने इसे छोड़ दिया, उसने कुफ़्र किया।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी, नसई, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: वह वचन, जो हमारे और उनके बीच है, नमाज़ है। जिसने इसे छो…
हदीस की व्याख्या: वह वचन, जो हमारे और उनके बीच है, नमाज़ है। जिसने इसे छो…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि मुसलमानों और दूसरों अर्थाथ काफ़िरों और मुनाफ़िकों के बीच जो वचन है, वह नमाज़ है। जिसने नमाज़ छोड़ दी, उसने कुफ़्र किया।
सीख: वह वचन, जो हमारे और उनके बीच है, नमाज़ है। जिसने इसे छो…
- नमाज़ का महत्व तथा यह कि नमाज़ मोमिन तथा काफ़िर के बीच अंतर करने वाली चीज़ है।
- इस्लाम के अहकाम इन्सान के ज़ाहिरी हाल से साबित होंगे, बातिन से नहीं।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· अक़ीदा
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· नमाज़ की अनिवार्यता तथा नमाज़ छोड़ने वाले का हुक्म
· अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम
· इस्लाम से निष्कासित करने वाली बातें
· कुफ़्र (अविश्वास)
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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