इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह पर हदीसें

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«इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह» पर 746 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी किसी पत्नी का चुंबन लिया, फिर नमाज़ के लिए गए और वज़ू नहीं किया सह़ीह़ वह तो उसी का एक टुकड़ा है सह़ीह़ जो अपने लिंग को छूए, वह वज़ू करे सह़ीह़ उसने पूछा: क्या मैं बकरियों के बाड़े में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: हां। उसने पूछा: क्या मैं ऊँटों के रहने की जहग में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: नहीं। सह़ीह़ जो मृत व्यक्ति को स्नान कराए वह स्वयं भी स्नान करे और जो उसे उठाकर ले जाए वह वज़ू करे ह़सन बेशक आँखें मलद्वार की रस्सी हैं, जब आँखें सो जाती हैं तो रस्सी ढीली पड़ जाती है सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उहद के शहीदों के पास गए और आठ साल पश्चात उनके लिए दुआ की, जैसे जीवित तथा मृत को विदा कर रहे हैं और उनसे विदा सह़ीह़ एक व्यक्ति ने कहा कि मैं सद्क़ा करूंगा, अतः वह सद्का लेकर निकला और उसे एक चोर को थमा दिया, तो लोग कहने लगे: चोर को सद्क़ा दिया गया है सह़ीह़ क्या तुझे इस जानवर के प्रति अल्लाह का भय नहीं होता, जिसका तुझे अल्लाह ने मालिक बनाया है? यह मुझ से शिकायत कर रहा है कि तू उसे भूखा रखता और थकाता है सह़ीह़ अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है, वह कहते हैं कि जब हम किसी जगह पर उतरते तो पालान उतारने से पहले नफ़्ल नमाज़ नहीं पढ़ते थे सह़ीह़ जिस मुस्लिम व्यक्ति के बारे में चार व्यक्तियों ने भलाई की गवाही दी, अल्लाह उसे जन्नत में दाख़िल कर देगा ह़सन अब्दुल्लाह बिन अबू औफ़ा ने अपनी एक बेटी के ज़नाजे पर चार तकबीरें कहीं और चौथी तकबीर के बाद दो तकबीरों के बीच जितनी अवधि होती है, उसके समान खड़े रहे और सह़ीह़ इसकी तुमने प्रशंसा की, तो इसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई और इसकी तुमने बुराई की, तो इसके लिए जहन्नम वाजिब हो गई, तुम लोग वास्तव में धरती पर अल्लाह के ग सह़ीह़ मैंने तुम लोगों को आदेश दिया था कि अमुक और अमुक को जला दो लेकिन अल्लाह के सिवा कोई आग से यातना नहीं दे सकता, इसलिए यदि तुम उन्हें पाओ तो क़त्ल कर दो सह़ीह़ किसी के लिए उपयुक्त नहीं कि आग से सज़ा दे, सिवाये आग के रब के सह़ीह़ मुजाहेदीन की पत्नियाँ, जिहाद में न जाने वालों के लिए उनकी अपनी माताओं के समान हराम हैं सह़ीह़ आज के बाद मेरे भाई पर रोया न करो ह़सन जो भी मरता है और उसपर रोने वाला कहता है: हे पहाड़! हे सरदार! अथवा इसी प्रकार की दूसरी बातें कहता है, तो दो फ़रिश्ते उस पर लगा दिए जाते हैं, जो उसके सी सह़ीह़ अब्दुल्लाह बिन रवाह़ा (रज़ियल्लाहु अनहु) बेहोश हुए तो उनकी बहन रो रो कर, हे पहाड़! आदि बार- बार कहने लगी, तो होश में आने के पश्चात फ़रमाया: तुमने जो क सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमसे जो नेक वचन लिए थे कि हम उनमें से किसी में भी आपकी अवज्ञा न करें, वे यह थे कि हम न चेहरे को नोचें और सह़ीह़ मस्जिदें पाख़ाना- पेशाब के लिए नहीं होती हैं, बल्कि अल्लाह के स्मरण तथा क़ुरआन के पठन- पाठन के लिए होती हैं सह़ीह़ एक व्यक्ति ने मस्जिद में कुछ ढूँढते हुए कहा: कौन लाल ऊँट को पहचानता है। इसपर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: तुम्हें न मिले, क्य सह़ीह़ यदि तुम दोंनों इसी शहर के होते तो मैं तुम्हें कष्ट देता, तुम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की मस्जिद में आवाज़ ऊँची करते हो सह़ीह़ ऐ लोगों! तुम यह दोनों पदार्थ- प्याज़ एवं लहसुन- खाते हो, मैं इनको बुरा समझता हूँ स़ह़ीह़ जिस व्यक्ति के पास क़ुरबानी का जानवर हो, जिसे वह ज़बह करने का इरादा रखता हो, तो जुल-हिज्जा का चाँद निकल आने के बाद वह क़ुरबानी से पहले अपने बालों और न ह़सन अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने जुमा के दिन जबकि इमाम जुमे का प्रवचन दे रहा हो, दोनों टांगें खड़ी करके चूतड़ के बल बैठने से मना फ़रमाया है
بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 17 जुमादा अल-अव्वल
الخميس 17 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.8 / 29.5
रोशनी 90%
12 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद