ऐसा न करो, जब तुम में से कोई अपने घर में (फ़र्ज़) नमाज़ पढ़ चुका हो, फिर वह इमाम को नमाज़ …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: ऐसा न करो, जब तुम में से कोई अपने घर में (फ़र्ज़) नमाज़…

عن جابر بن يزيد بن الأسود، عن أبيه، أنه صلى مع رسول الله صلى الله عليه وسلم وهو غلام شاب، فلمَّا صلَّى إذا رجلان لم يُصَلِّيا في ناحية المسجد، فدعا بهما فجيء بهما تَرْعُد فَرائِصُهما، فقال: «ما منعكما أن تُصَلِّيا معنا؟» قالا: قد صلَّينا في رِحالنا، فقال: «لا تفعلوا، إذا صلَّى أحدكم في رَحْله ثم أدرك الإمام ولم يُصَلِّ، فليُصلِّ معه فإنها له نافلة».

हदीस की व्याख्या: ऐसा न करो, जब तुम में से कोई अपने घर में (फ़र्ज़) नमाज़…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · इमाम तथा उसके पीछे नमाज़ पढ़ने वाले के अहकाम

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
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13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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