अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति को सफ़ के पीछे अकेले नमाज़ पढ़ते ह…
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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है
ह़सन
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति…
हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति…
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति को सफ़ के पीछे अकेले नमाज़ पढ़ते हुए देखा, तो उसे नमाज़ दोहराने का आदेश दिया। क्योंकि इस हालत में उसकी नमाज़ दुरुस्त नहीं होगी।
सीख: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति…
- जमात के साथ नमाज़ पढ़ने के लिए जल्दी जाने, इसमें आगे रहने और इस बात की प्रेरणा कि कोई व्यक्ति सफ़ के पीछे अकेले नमाज़ न पढ़े, ताकि नमाज़ नष्ट न हो जाए।
- इब्न-ए-हजर कहते हैं : जिसने सफ़ के पीछे अकेले नमाज़ शुरू कर दी और फिर रुकू से उठने से पहले सफ़ में प्रवेश कर गया, तो उसे दोहराना नहीं पड़ेगा, जैसा कि अबू बकरा की इस हदीस में है। अगर ऐसा न हो सके, तो वाबिसा की हदीस के अनुसार उसे दोहराना होगा।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· इमाम तथा उसके पीछे नमाज़ पढ़ने वाले के अहकाम
بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
اللهم صل على محمد
ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज