इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > इन लोगों का भय कैसा है? यह स्पष्ट अर्थ वाली हदीस सुनकर नर्म पड़ जाते हैं, लेकिन अस्पष्ट अर…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن ابن عباس رضي الله عنهما أنه رأى رجلا انْتَفَضَ لما سمع حديثا عن النبي صلى الله عليه وسلم في الصفات -استنكارا لذلك- فقال: "ما فَرَقُ هؤلاء؟ يجدون رِقَّةً عند مُحْكَمِهِ، ويَهْلِكُونَ عند مُتَشَابِهِهِ" .
अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अनहुमा- अपनी मजलिस में बैठने वाले उन आम लोगों का खण्डन कर रहे हैं, जो अल्लाह की विशेषताओं से संबंधित कोई हदीस सुनते हैं, तो अनजान बनते हुए भयभीत हो जाते हैं और काँपने लगते हैं। दरअसल, वे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की सहीह हदीसों और कुरआन की स्पष्ट आयतों पर जैसा ईमान रखना चाहिए, वैसा ईमान रखते ही नहीं हैं। हालाँकि अल्लाह की विशेषताएँ सत्य हैं। किसी ईमान वाले को उनपर संदेह नहीं करना चाहिए। फिर, उनमें से कुछ लोग उनका वह अर्थ बयान करते हैं, जो अल्लाह ने मुराद नहीं लिया है। ऐसा करके वे अपने विनाश का मार्ग ही प्रशस्त करते हैं।
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