इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब जनाबत का स्नान करते, तो अपने दोनों हाथों को धोते…
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27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ عَائِشَةَ أُمِّ المؤمنين رضي الله عنها قَالَتْ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا اغْتَسَلَ مِنَ الجَنَابَةِ، غَسَلَ يَدَيْهِ، وَتَوَضَّأَ وُضُوءَهُ لِلصَّلاَةِ، ثُمَّ اغْتَسَلَ، ثُمَّ يُخَلِّلُ بِيَدِهِ شَعَرَهُ، حَتَّى إِذَا ظَنَّ أَنَّهُ قَدْ أَرْوَى بَشَرَتَهُ، أَفَاضَ عَلَيْهِ المَاءَ ثَلاَثَ مَرَّاتٍ، ثُمَّ غَسَلَ سَائِرَ جَسَدِهِ، وَقَالَتْ: كُنْتُ أَغْتَسِلُ أَنَا وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ إِنَاءٍ وَاحِدٍ، نَغْرِفُ مِنْهُ جَمِيعًا.
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब जनाबत से स्नान करना चाहते, तो सबसे पहले अपने दोनों हाथों को धोते। फिर नमाज़ के वज़ू की तरह वज़ू करते। फिर अपने शरीर पर पानी बहाते। फिर अपने दोनों हाथों से अपने सर के बालों का ख़िलाल करते। यहाँ तक कि जब यक़ीन हो जाता कि बाल की जड़ों तक पानी पहुँच चुका है और सर की चमड़ी भीग चुकी है, तो तीन बार अपने सर पर पानी डालते और उसके बाद शेष शरीर को धोते। आगे आइशा रज़ियल्लाहु अनहा कहती हैं : मैं और अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक ही बरतन से स्नान करते थे और हम दोनों ही इससे चुल्लू द्वारा पानी लेते थे।
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