इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जानवरों से होने वाली क्षति की क्षतिपूर्ति नहीं है, कुएँ में गिरने से होने वाली क्षति की क्…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «العَجْمَاءُ جُبَارٌ، والبئر جُبارٌ، وَالمَعْدِنُ جُبارٌ، وفي الرِّكَازِ الْخُمْسُ».
यहाँ अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से जानवर, कुएँ में गिरने तथा खान से होने वाली क्षति की क्षतिपूर्ति का हुक्म नक़ल कर रहे हैं। आपने बताया है कि जानवर के माध्यम से जो क्षति हो, उसमें किसी पर कोई क्षतिपूर्ति नहीं है। इसी तरह कुएँ में उतरने के कारण यदि कोई मर जाए या खान के अंदर घुसने के बाद कोई मर जाए, तो उसमें भी कोई क्षतिपूर्ति नहीं है। क्योंकि जानवर, कुएँ और खान पर क्षतिपूर्ति का दायित्व डाला नहीं जो सकता और न उसके मालिक पर डाला जा सकता है, जब तक उसकी ओर से कोई अत्याचार या लापरवाही न हो। फिर बताया कि जिसे ज़मीन में धफ़न ख़ज़ाना मिले, चाहे कम हो अधिक, उसे उसका पाँचवा भाग अदा करना है। क्योंकि यह बिना मशक्कत और मेहनत के प्राप्त होने वाला धन है। पाँचवाँ भाग अदा कर देने के बाद जो बच जाए, वह उसी का है।
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