इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > क़यामत की निशानियों में से कुछ निशानियाँ यह हैं कि ज्ञान उठा लिया जाए, अज्ञान अधिक हो जाए,…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ، قَالَ: لَأُحَدِّثَنَّكُمْ حَدِيثًا سَمِعْتُهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لاَ يُحَدِّثُكُمْ بِهِ أَحَدٌ غَيْرِي: سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ: «إِنَّ مِنْ أَشْرَاطِ السَّاعَةِ أَنْ يُرْفَعَ العِلْمُ، وَيَكْثُرَ الجَهْلُ، وَيَكْثُرَ الزِّنَا، وَيَكْثُرَ شُرْبُ الخَمْرِ، وَيَقِلَّ الرِّجَالُ، وَيَكْثُرَ النِّسَاءُ حَتَّى يَكُونَ لِخَمْسِينَ امْرَأَةً القَيِّمُ الوَاحِدُ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि क़यामत के निकट होने की एक निशानी यह है कि शरीयत का ज्ञान उठा लिया जाएगा। ऐसा उलेमा की मृत्यु से होगा। इसके नतीजे में अज्ञानता अधिक हो जाएगी, व्यभिचार तथा बेहयाई फैल जाएगी, मदिरा पीने का चलन अधिक हो जाएगा, पुरुष घट जाएँगे और स्त्रियाँ इतनी बढ़ जाएँगी कि पचास स्त्रियों के अभिभावक के रूप में एक ही व्यक्ति काम करेगा।
श्रेणियाँ : फ़ज़ीलतें · ज्ञान तथा विद्या की फ़ज़ीलत · अक़ीदा · फ़ज़ीलतें तथा आदाब · अंतिम दिवस पर ईमान · बर्ज़ख़ का जीवन