अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जन्नत में सबसे …

इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जन्नत में सबसे …

हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है

ह़सन सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि क…

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: سُئِلَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ أَكْثَرِ مَا يُدْخِلُ النَّاسَ الْجَنَّةَ، فَقَالَ: «تَقْوَى اللهِ وَحُسْنُ الْخُلُقِ»، وَسُئِلَ عَنْ أَكْثَرِ مَا يُدْخِلُ النَّاسَ النَّارَ فَقَالَ: «الْفَمُ وَالْفَرْجُ».

हदीस की व्याख्या: अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि क…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जन्नत में प्रवेश मिलने के सबसे बड़े कारण दो हैं। यह दोनों कारण हैं :

अल्लाह का भय और अच्छा व्यवहार।

हदीस के शब्द "تقوى الله" का अर्थ यह है कि आप अपने तथा अल्लाह के अज़ाब के बीच आड़ बना लें। यह आड़ अल्लाह के आदेशों का पालन करने और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचने से बनती है।

जबकि अच्छे व्यवहार का मतलब है, हँसकर मिलना, भला करना और कष्ट न होने देना।

इसके विपरीत इन्सान के जहन्नम जाने के सबसे बड़े कारण दो हैं। यह दोनों कारण हैं :

ज़बान और गुप्तांग।

ज़बान से झूठ, ग़ीबत और चुगली जैसे गुनाह होते हैं।

जबकि गुप्तांग से व्यभिचार और समलैंगिक संबंध आदि गुनाह होते हैं।

सीख: अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि क…

श्रेणियाँ : सद्व्यवहार पर आधारित फ़िक़्ह · दिलों को पिघलाने वाली बातें और नसीहतें · सरहनायोग्य आचरण · जन्नत तथा जहन्नम की विशेषताएँ · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद