हमने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवनकाल में एक घोड़ा ज़िबह किया और उसे ख…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: हमने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवनक…

عن أَسْمَاء بِنْت أَبِي بَكْرٍ رضي الله عنهما قالت: «نَحَرْنَا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ الله صلى الله عليه وسلم فَرَسًا فَأَكَلْنَاهُ». وَفِي رِوَايَةٍ «وَنَحْنُ بِالْمَدِينَةِ».

हदीस की व्याख्या: हमने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवनक…

असमा बिंत अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि लोगों ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में एक घोड़ा ज़बह किया और उसे खाया। इस हदीस से मालूम होता है कि घोड़े का मांस खाना जायज़ है। कोई यह न समझे कि चूँकि क़ुरआन की इस आयत में घोड़े का ज़िक्र गधा तथा खच्चर के साथ किया गया है, इसलिए इसे खाना जायज़ नहीं है। अल्लाह का फ़रमान हैः {घोड़े, खच्चर और गधों को (हमने इसलिए पैदा किया है) ताकि तुम इनपर सवारी करो और ये शोभा का सामान भी हैं और वह ऐसी वस्तु सृष्टि करता है, जो तुम नहीं जानते।} [सीरा अन-नह्लः 8]

श्रेणियाँ : खाने-पीने की वस्तुएँ · हलाल तथा हराम जानवर एवं पक्षी · ज़बह करना · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

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13 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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