उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) सात साल तक इस्तिहाज़ा (वह रक्त जो स्त्री को माहवारी के अतिर…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) सात साल तक इस्तिहाज़ा (व…

عن عائشة رضي الله عنها قالت: "إن أم حبيبة اسْتُحِيضَتْ سبع سنين، فسألت رسول الله صلى الله عليه وسلم عن ذلك؟ فأمرها أن تغتسل، قالت: فكانت تغتسل لكل صلاة".

हदीस की व्याख्या: उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) सात साल तक इस्तिहाज़ा (व…

उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) ने जब अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पूछा कि उन को माहवारी के दिनों के अतिरिक्त भी बराबर खून आता है, ऐसे में उन्हें क्या करना चाहिए? तो आपने जवाब दिया कि वह स्नान कर लें। अतः, वह हर नमाज़ के लिए स्नान करती थीं। उन्हें यह बीमारी, जिसे अरबी में इस्तिहाज़ा कहा जाता है, सात साल तक रही। इस्तिहाज़ा से स्त्रियों को कभी-कभी जूझना पड़ता है। साधारणतया स्त्रियों को हर महीने में कुछ दिन ऋतु का रक्त आता है, जिसे वे उसके लक्षणों से पहचान लेती हैं।

दरअसल, उम्मे हबीबा (रज़ियल्लाहु अंहा) हर नमाज़ के लिए स्नान नफ़ली तौर पर करती थीं।

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بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
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13 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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