इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के कपड़े से जनाबत को धो देती, फिर आप नमाज़ के…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عائشة رضي الله عنها قالت: ((كُنْت أَغْسِلُ الْجَنَابَةَ مِنْ ثَوْبِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَيَخْرُجُ إلَى الصَّلاةِ، وَإِنَّ بُقَعَ الْمَاءِ فِي ثَوْبِهِ)).
وَفِي رواية: ((لَقَدْ كُنْتُ أَفْرُكُهُ مِنْ ثَوْبِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرْكاً، فَيُصَلِّي فِيهِ)).
आइशा (रज़ि अल्लाहु अन्हा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के कपड़ों में जनाबत के कारण वीर्य लग जाता। कभी वीर्य गीला होता, तो उसे वह पानी से धो देतीं और आप भीगे हुए कपड़े ही में नमाज़ के लिए चल देते और कभी वीर्य सूखा होता, तो उसे आपके कपड़े से खुरच देतीं और आप उसी कपड़े में नमाज़ पढ़ लेते।
श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · ग़ुस्ल