तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) पर हदीसें

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«तहारत (पवित्रता प्राप्त करना)» पर 132 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) पर हदीसों की सूची

स़ह़ीह़ “जो मुसलमान अच्छी तरह वज़ू करता है, फिर खड़े होकर मन तथा तन के साथ दो रकात नमाज़ पढ़ता है, उसके लिए जन्नत अनिवार्य हो जाती है।” सह़ीह़ मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को मोज़े के ऊपरी भाग का मसह करते हुए देखा है। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक सेना भेजी, जिन्हें ठंडी लग गई। जब वे वापस आए, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उन्हें प स़ह़ीह़ जब तुममें से कोई वज़ू करे और उसके बाद मोज़े पहने, तो उनको पहनकर नमाज़ पढ़े और उनपर मसह करे और चाहे तो उन्हें जुनबी हो जाने के सिवा किसी परिस्थिति में सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सहाबा आपके ज़माने में इशा की नमाज़ की प्रतीक्षा करते रहते थे, यहां तक कि उनके सिर नींद के कारण झुकने लगते सह़ीह़ अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी किसी पत्नी का चुंबन लिया, फिर नमाज़ के लिए गए और वज़ू नहीं किया सह़ीह़ वह तो उसी का एक टुकड़ा है सह़ीह़ जो अपने लिंग को छूए, वह वज़ू करे सह़ीह़ उसने पूछा: क्या मैं बकरियों के बाड़े में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: हां। उसने पूछा: क्या मैं ऊँटों के रहने की जहग में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: नहीं। सह़ीह़ जो मृत व्यक्ति को स्नान कराए वह स्वयं भी स्नान करे और जो उसे उठाकर ले जाए वह वज़ू करे ह़सन बेशक आँखें मलद्वार की रस्सी हैं, जब आँखें सो जाती हैं तो रस्सी ढीली पड़ जाती है सह़ीह़ क्या तुझे इस जानवर के प्रति अल्लाह का भय नहीं होता, जिसका तुझे अल्लाह ने मालिक बनाया है? यह मुझ से शिकायत कर रहा है कि तू उसे भूखा रखता और थकाता है
بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.2 / 29.5
रोशनी 94%
12 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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