जो चीज़ तुम्हें संदेह में डाले, उसे छोड़कर वह अख़्तियार करो, जो संदेह में न डाले। क्योंकि …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी, नसई और अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जो चीज़ तुम्हें संदेह में डाले, उसे छोड़कर वह अख़्तियार…

عَنْ أَبِي الحَوْرَاءِ السَّعْدِيِّ قَالَ: قُلْتُ لِلْحَسَنِ بْنِ عَلِيٍّ رضي الله عنهما: مَا حَفِظْتَ مِنْ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ؟ قَالَ: حَفِظْتُ مِنْ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «دَعْ مَا يَرِيبُكَ إِلَى مَا لاَ يَرِيبُكَ، فَإِنَّ الصِّدْقَ طُمَأْنِينَةٌ، وَإِنَّ الكَذِبَ رِيبَةٌ».

हदीस की व्याख्या: जो चीज़ तुम्हें संदेह में डाले, उसे छोड़कर वह अख़्तियार…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने ऐसे कार्यों एवं कथनों से दूर रहने का आदेश दिया है, जिनके बारे में संदेह हो कि वर्जित हैं या नहीं? हलाल हैं या हराम? इन्सान को ऐसी चीज़ें अपनानी चाहिए, जिनके अच्छे एवं हलाल होने का यक़ीन हो। क्योंकि उनसे इन्सान का दिल संतुष्ट रहता है। जबकि संदेह वाली चीज़ें इन्सान के दिल को बेचैन और परेशान रखती हैं।

सीख: जो चीज़ तुम्हें संदेह में डाले, उसे छोड़कर वह अख़्तियार…

श्रेणियाँ : उसूल-ए-फ़िक़्ह · दो प्रमाणों के बीच टकराव तथा तरजीह · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

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الأربعاء 16 جمادى الأولى
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13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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