रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के समय न कोई दिरहम छोड़ा, न दीनार, न को…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के स…
हदीस की व्याख्या: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के स…
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की वफ़ात हुई तो आपने न चाँदी का कोई दिरहम छोड़ा, न सोने का कोई दीनार, न कोई लौंडी ग़ुलाम (दासी एवं दास), न कोई बकरी और न कोई ऊँट, और न कोई अन्य प्रकार का धन। छोड़ा तो बस अपना सफ़ेद खच्चर, जिस पर आप सवार होते थे, अपने हथियार, और एक ज़मीन, जिसे अपनी सेहतमंदी में मुसाफ़िरों के लिए वक़्फ़ कर दिया था।
सीख: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मृत्यु के स…
- नबीगण किसी को वारिस नहीं बनाते।
- नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी मौत के बाद जो कुछ छोड़ा, उसका वर्णन।
- आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का देहांत हो गया तथा अपनी उदारता, दानशीलता और परोपकार के कारण आपने अपने पीछे कोई महत्वपूर्ण वस्तु नहीं छोड़ी।
- किर्मानी कहते हैं : हदीस के शब्द (وجعلها) में ज़मीर (सर्वनाम) तीनों, यानी खच्चर, हथियार और ज़मीन की ओर लौटता है, न कि केवल ज़मीन की ओर।
- अरबी शब्द (وجعلها) का अर्थ है : पत्नी का भाई। जबकि (الأختان) का अर्थ है : ससुराली संबंधी।
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بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
حسبنا الله ونعم الوكيل
अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है