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सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «الجَرَسُ مَزَامِيرُ الشَّيطَان».
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बता रहे हैं कि जानवरों के गले में बाँधी जाने वाली घंटियाँ शैतानी उपकरण हैं, जिनमें लोगों में व्यस्त करके वह उन्हें उनकी रचना के उद्देश्य से भटकाए रखना चाहता है। रही बात सूचना प्रदान करने वाली घंटियों की, तो सऊदी अरब की स्थायी फ़तवा कमेटी ने उनके बारे में कहा है : "घरों एवं शिक्षण संस्थानों में इस्तेमाल में आने वाली घंटियां जायज़ हैं, जब तक उनके अंदर कोई अवैध वस्तु न पाई जाए। मसलन उनका ईसाइयों के नाक़ूस के जैसा होना या संगीत की तरह आवाज़ देना आदि। अगर यह बात पाई जाए, तो हराम होंगी।"
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