इस्लाम > Hi > हदीस > हदस तथ उसस सबधत अनय वषय > सुन लो, वह समय आने ही वाला है कि एक व्यक्ति के पास मेरी हदीस पहुँचेगी और वह अपने बिस्तर पर…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن المقدام بن معدِيْكَرِب رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «أَلَا هَلْ عَسَى رَجُلٌ يَبْلُغُهُ الْحَدِيثُ عَنِّي وَهُوَ مُتَّكِئٌ عَلَى أَرِيكَتِهِ فَيَقُولُ: بَيْنَنَا وَبَيْنَكُمْ كِتَابُ اللهِ، فَمَا وَجَدْنَا فِيهِ حَلَالًا اسْتَحْلَلْنَاهُ، وَمَا وَجَدْنَا فِيهِ حَرَامًا حَرَّمْنَاهُ، وَإِنَّ مَا حَرَّمَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَمَا حَرَّمَ اللهُ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि वह समय निकट है, जब एक प्रकार के लोग समाने आएँगे, जिनमें से एक व्यक्ति अपने बिस्तर पर टेक लगाकर बैठा होगा और इस अवस्था में जब उसके पास अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की कोई हदीस पहुँचेगी, तो कहेगा : हमारे और तुम्हारे बीच निर्णय के लिए अल्लाह की किताब है, यही हमारे लिए काफ़ी है। इसमें जो चीज़ें हम हलाल पाएँगे, हम उनपर अमल करेंगे और इसमें जो चीज़ें हम हराम पाएँगे, उनसे दूर रहेंगे। फिर अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि आपने अपनी सुन्नत में जिन चीज़ों को हराम कहा है या जिन चीज़ों से मना किया है, वह सारी चीज़ें दरअसल अल्लाह की किताब में हराम की हुई चीज़ों की ही तरह हैं। क्योंकि आपका काम आपके रब के संदेश को पहुँचाना ही था।
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