अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ एक व्यक्ति के बारे में बताया गया कि वह रा…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ एक व्य…
हदीस की व्याख्या: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ एक व्य…
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ एक व्यक्ति का ज़िक्र हुआ कि वह सूरज निकलने तक सोया रहा और फ़र्ज़ नमाज़ के लिए उठा ही नहीं। अतः आपने फ़रमाया : दरअसल वह ऐसा व्यक्ति है कि शैतान ने जिसके कान में पेशाब कर दिया है।
सीख: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के यहाँ एक व्य…
- तहज्जुद की नमाज़ छोड़ना मकरूह है। इन्सान ऐसा शैतान के बहकावे में आकर करता है।
- शैतान से सावधान रहना चाहिए, जो इन्सान के हर रास्ते में बैठकर उसे नेकी के रास्ते से रोकने के प्रयास में लगा रहता है।
- इब्न-ए-हजर कहते हैं : हदीस के शब्दों "नमाज़ के लिए खड़ा नहीं हुआ" से मुराद सभी नमाज़ें हैं। लेकिन इस बात की भी संभावन है कि यहाँ अलिफ़ लाम मन में मौजूद किसी ख़ास नमाज़ के लिए हों और मुराद तहज्जुद की नमाज़ हो या फर्ज़ नमाज़।
- तीबी कहते हैं : यहाँ कान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, हालाँकि नींद की गहराई को दर्शाने के लिए आँख का उल्लेख नींद के संदर्भ में अधिक उपयुक्त लगता है, इसका कारण यह है कि कान ध्यान का स्रोत है, और, पेशाब का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है क्योंकि यह आसानी से पेट में प्रवेश करता है, नसों में तेज़ी से प्रवेश करता है, और सभी अंगों को सुस्त बना देता है।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· नमाज़ की अनिवार्यता तथा नमाज़ छोड़ने वाले का हुक्म
بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
لا حول ولا قوة إلا بالله
अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं