जो व्यक्ति किसी नमाज़ को भूल जाए, तो वह उसे उस समय पढ़ ले, जब याद आ जाए। इसके सिवा उसका को…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जो व्यक्ति किसी नमाज़ को भूल जाए, तो वह उसे उस समय पढ़…
हदीस की व्याख्या: जो व्यक्ति किसी नमाज़ को भूल जाए, तो वह उसे उस समय पढ़…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि जो व्यक्ति कोई नमाज़ को अदा करना भूल जाए और उसका समय निकल जाए, तो उसे याद आते ही तुरंत उसकी कज़ा कर लेनी चाहिए। नमाज़ को ससमय न पढ़ने के गुनाह को मिटाने का तरीक़ा इसके अतिरिक्त कुछ और नहीं है कि उसे याद आते ही पढ़ लिया जाए। उच्च एवं महान अल्लाह ने क़ुरआन पाक में कहा है : "तथा मेरी याद के लिए नमाज़ स्थापित कर।" [सूरा ताहा : 14] अर्थात भूली हुई नमाज़ को उस समय पढ़ लो, जब याद आ जाए।
सीख: जो व्यक्ति किसी नमाज़ को भूल जाए, तो वह उसे उस समय पढ़…
- इस बात का बयान कि इस्लाम में नमाज़ का बड़ा महत्व है। इसे अदा करने तथा इसकी क़ज़ा करने में सुस्ती नहीं करनी चाहिए।
- किसी उचित कारण के बिना नमाज़ को उसके समय से टालना ठीक नहीं है।
- नमाज़ की क़ज़ा उसी समय वाजिब है, जब भूलने के कारण नमाज़ छोड़ने वाले को नमाज़ याद आ जाए और सो जाने के कारण नमाज़ छोड़ने वाला व्यक्ति जाग जाए।
- छूटी हुई नमाज़ों की क़ज़ा फ़ौरन वाजिब है, चाहे समय नमाज़ की मनाही का ही क्यों न हो।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· नमाज़ की अनिवार्यता तथा नमाज़ छोड़ने वाले का हुक्म
· नमाज़ियों से होने वाली गलतियाँ
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
الحمد لله
अल्लाह की सारी प्रशंसा है