तुम्हारा क्या विचार है कि यदि तुममें से किसी के द्वार पर नहर प्रवाहित हो और वह उसमें प्रत्…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: तुम्हारा क्या विचार है कि यदि तुममें से किसी के द्वार प…
हदीस की व्याख्या: तुम्हारा क्या विचार है कि यदि तुममें से किसी के द्वार प…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने छोटे-छोटे गुनाहों को मिटाए जाने के संबंध में दिन और रात में पाँच बार पढ़ी जाने वाली नमाज़ों की मिसाल इन्सान के दरवाज़े से बहने वाली उस नदी से दी है, जिसमें वह हर दिन पाँच बार स्नान करता हो और फलस्वरूप उसके शरीर में ज़रा भी मैल-कुचैल बाक़ी न रहे।
सीख: तुम्हारा क्या विचार है कि यदि तुममें से किसी के द्वार प…
- नमाज़ से इन्सान के केवल छोटे गुनाह ही माफ़ होते हैं। बड़ी गुनाहों की माफ़ी के लिए तौबा ज़रूरी है।
- पाँच वक़्त की नमाज़ें उनकी शर्तों, स्तंभों, अनिवार्य कार्यों एवं सुन्नतों के साथ अदा करने की महत्ता।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· नमाज़ की फ़ज़ीलत
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
اللهم صل على محمد
ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज