जब तुम सजदा करो, तो अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रख दिया करो और अपनी कोहनियों को ऊपर उठाए रखो…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जब तुम सजदा करो, तो अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रख दिया क…
हदीस की व्याख्या: जब तुम सजदा करो, तो अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रख दिया क…
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया है कि नमाज़ के दौरान सजदे की हालत में दोनों हाथों को किस तरह रखना चाहिए। बताया कि दोनों हथेलियों को ज़मीन पर अच्छे से रख दिया जाए, उंगलियाँ आपस में मिली हुई और क़िबला की ओर हों, दोनों कोहनियाँ ज़मीन से अलग उठी हुई और पहलुओं से हटी हुई हों।
सीख: जब तुम सजदा करो, तो अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रख दिया क…
- (सजदे की हालत में) नमाजी को दोनों हथेलियों को ज़मीन पर रखना वाजिब है। दरअसल दोनों हथेलियाँ सजदे के सात अंगों में से दो अंग हैं।
- ज़मीन से दोनों बाज़ुओं को उठाए रखना मुसतहब और उन्हें दरिंदों की तरह फ़ैलाना मकरूह है।
- इबादत में फुर्तीलापन, शक्ति और चाहत झलकनी चाहिए।
- जब नमाज़ी सजदे के सारे अंगों को ज़मीन पर रख देता है, तो हर अंग इबादत में से अपना हिस्सा पा लेता है।
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बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
اللهم صل على محمد
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