इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जब हम छोटे थे तो लोग गवाही और वचन देने पर हमारी पिटाई करते थे।
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयقال إبراهيم: "كانوا يَضْرِبُونَنا على الشَّهادة والعَهْد ونحن صِغار".
इस ताबई के कथन से यह प्रमाण मिलता है कि कुछ 'सलफ़' अपने बच्चों कों बार-बार वचन देने से मना करते थे, ताकि कहीं ऐसा न हो कि वचन तोड़ने के कारण गुनाह का हक़दार बनना पड़े। यही हाल गवाही देने का है, ताकि वे गवाही देने को आसान न समझ लें।
श्रेणियाँ : परिवार से संबंधित फ़िक़्ह · नवजात शिशु से संबंधित अहकाम · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · बच्चों का पालन-पोषण