यह दोनों वस्तुएँ मेरी उम्मत के पुरुषों पर हराम और स्त्रियों के लिए हलाल हैं।
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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद, नसई और इब्न-ए-माजह ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: यह दोनों वस्तुएँ मेरी उम्मत के पुरुषों पर हराम और स्त्र…
हदीस की व्याख्या: यह दोनों वस्तुएँ मेरी उम्मत के पुरुषों पर हराम और स्त्र…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपने दाएँ हाथ में रेशम या रेशमी कपड़े का एक टुकड़ा और दाएँ हाथ में सोना या सोना जैसा ज़ेवर आदि लिया और उसके बाद फ़रमाया : निस्संदेह रेशम और सोना पहनना पुरुषों पर हराम है। अलबत्ता औरतों के लिए हलाल है।
सीख: यह दोनों वस्तुएँ मेरी उम्मत के पुरुषों पर हराम और स्त्र…
- सिंधी कहते हैं : (हराम है) का मतलब यह है इन दोनों चीज़ों का पहनना हराम है। वरना उनका लेन-देन करना, खर्च करना, खरीदना और बेचना पुरुष और स्त्री दोनों के लिए हलाल है। सोने का बर्तन बनाकर रखना और उसका इस्तेमाल करना पुरुष और स्त्री दोनों के लिए हराम है।
- इस्लामी शरीयत ने औरतों के लिए सजने-सँवरने (श्रृंगार करने) और उसके जैसी अन्य चीज़ों के लिए गुंजाइश रखी है।
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बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
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