इस्लाम > Hi > हदीस > पवतर करआन तथ उसस सबधत अनय वषय > किसी आदमी का यह कहना कि मैं अमुक-अमुक आयत भूल गया हूँ, नामुनासिब बात है। बल्कि वह भुला दिय…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عبد الله بن مسعود رضي الله عنه قال: قال النبي صلى الله عليه وسلم : «بِئْسَ ما لأحَدِهم أنْ يقول نَسِيتُ آيةَ كَيْتَ وكَيْتَ، بل نُسِّيَ، واستذكِروا القرآن، فإنه أشدُّ تَفَصِّيًا مِن صدور الرِّجال من النَّعَم».
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