इस्लाम > Hi > हदीस > पवतर करआन तथ उसस सबधत अनय वषय > अगर कोई व्यक्ति (यमन के) अदन (नगर) में रहकर भी इसमें किसी अधर्म का इरादा करेगा, उसे अल्लाह…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयअब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु ने सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह के कथन : {وَمَنْ يُرِدْ فِيهِ بِإِلْحَادٍ بِظُلْمٍ نُذِقْهُ مِنْ عَذَابٍ أَلِيمٍ} [सूरा हज्ज : 25] के बारे में अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के बारे में नक़ल किया है कि आपने कहा है : अगर किसी व्यक्ति ने हरम-ए-मक्का के अंदर कोई ऐसी बात कहने या ऐसा काम करने का इरादा किया, जिससे अल्लाह की हराम की हुई चीज़ हलाल होती है और जानता भी हो कि यह अत्याचार है, तो वह इस बात का हक़दार बन जाता है कि अल्लाह इसके कारण उसे कष्टदायी अज़ाब दे। चाहे उसने यह इरादा यमन के अदन शहर में रहकर ही क्यों न किया हो। वह यह काम न भी कर सके, तो उसका इरादा कर लेना मात्र ही गुनाहगार होने के लिए काफ़ी है।
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