इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जब तुममें से कोई अपनी पत्नी से एक बार संभोग करने के बाद दोबारा करना चाहे, तो दोनों के बीच …
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي سعيد الخُدْرِي رضي الله عنه مرفوعاً: «إذا أَتَى أحَدُكُم أهله ثم أرَاد أن يَعود فَلْيَتَوَضَّأْ بينهما وضُوءًا».
وفي رواية الحاكم: «فإنه أَنْشَطُ لِلْعَوْد».
यदि व्यक्ति एक से अधिक बार अपनी पत्नी से संभोग करना चाहे, तो उसे क्या करना है? यह हदीस इसी बात का उल्लेख करती है। आपने फ़रमाया : "यदि तुममें से कोई अपनी पत्नी के पास जाए और फिर दोबारा जाना चाहे" यानी कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से संभोग करे और फिर दूसरी या तीसरी बार संभोग करना चाहे।
उसके बाद आगे निर्देश देते हुए फ़रमाया : "तो दोनों के बीच वज़ू कर ले।" यानी पहले संभोग के बाद और दूसरे संभोग से पहले। यहाँ वज़ू से मुराद नमाज़ वाला वज़ू है। क्योंकि वज़ू का शब्द जब सामान्य रूप से बोला जाए, तो उससे मुराद शरई वज़ू ही हुआ करता है। जबकि इब्न-ए-खुज़ैमा एवं बैहक़ी में इसका स्पष्ट उल्लेख भी है : "तो नमाज़ के वज़ू की तरह वज़ू कर लो।" यह वज़ू मुसतहब है।
श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · ग़ुस्ल