जब तुममें से कोई सुतरा सामने रखकर नमाज़ पढ़े और कोई उसके सामने से गुज़रना चाहे, तो उसे रोक…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है। - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जब तुममें से कोई सुतरा सामने रखकर नमाज़ पढ़े और कोई उसक…

عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه مرفوعًا: «إذا صلَّى أَحَدُكُم إلى شيء يَسْتُرُهُ مِنَ النَّاس، فأَرَاد أحَد أن يَجْتَازَ بين يديه، فَلْيَدْفَعْهُ، فإن أبى فَلْيُقَاتِلْهُ؛ فإنما هو شيطان».
وفي رواية: «إذا كان أَحَدُكُمْ يُصَلِّي فلا يَدَعْ أحدا يمُرُّ بين يديه، فإنْ أبى فَلْيُقَاتِلْهُ؛ فإن معه القَرِينَ».

हदीस की व्याख्या: जब तुममें से कोई सुतरा सामने रखकर नमाज़ पढ़े और कोई उसक…

जब किसी नमाज़ पढ़ने वाले ने नमाज़ शुरू करने से पहले अपने सामने सुतरा रख लिया कि वह लोगों के लिए आड़ बन जाए और कोई उसके सामने से गुज़रकर उसकी नमाज़ में कोई कमी पैदा न करे और फिर वह अपने रब से वार्तालाप करने लगा, तो ऐसे स्थिति में यदि कोई उसके सामने से गुज़रना चाहे, तो वह उसे आसानी से रोकने की कोशिश करे। लेकिन यदि वह आसानी से न रुके, तो वह अत्याचारी है और उसके अत्याचार को रोकने के लिए हाथ का प्रयोग करने तथा उससे लड़ने की अनुमति है। क्योंकि उसका यह काम शैतान का काम है, जो लोगों की इबादतों को नष्ट करने और उनकी नमाज़ में भ्रांति उत्पन्न करने की कोशिश में रहता है।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ की सुन्नतें

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
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13 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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