अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़ज्र की दो रकातों में {قُلْ يَا أَيُّهَا الْ…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़ज्र की द…
हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़ज्र की द…
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- फ़ज्र से पहले की दो रकात सुन्नत की पहली रकात में सूरा फ़ातिहा के बाद सूरा काफ़िरून तथा दूसरी रकात में सूरा इख़्लास पढ़ना पसंद करते थे।
सीख: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़ज्र की द…
- फ़ज्र की सुन्नत में सूरा फ़ातिहा के बाद इन दोनों सूरतों को पढ़ना मुस्तहब है।
- इन दोनों सूरों को सूरा इख़लास कहा जाता है। क्योंकि सूरा काफ़िरून में अल्लाह के सिवा पूजी जाने वाली तमाम चीज़ों से बरी होने का एलान किया गया है और बताया गया है कि मुश्रिक अल्लाह के बंदे नहीं हैं, क्योंकि उनका शिर्क उनके कर्म को नष्ट कर देता है। उच्च एवं महान अल्लाह ही इबादत का हक़दार है। जबकि सूरा इख़लास के अंदर एकेश्वरवाद, बस एक अल्लाह की इबादत और अल्लाह के गुणों का बयान है।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· नमाज़ का तरीक़ा
بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أستغفر الله
मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ