एक औरत अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ज़माने में होने वाले किसी युद्ध में निहत …
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: एक औरत अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ज़माने…
हदीस की व्याख्या: एक औरत अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ज़माने…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी युद्ध में एक निहत औरत को देखा, तो औरतों और छोटे बच्चों की हत्या का खंडन किया।
सीख: एक औरत अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ज़माने…
- युद्ध में शामिल न होने वाले लोग, जैसे औरतों, बच्चों और शरीयत की नज़र में उनके जैसे दूसरे लोगों,जैसे बूढ़ों और दुनिया से कटे हुए लोगों को क़त्ल नहीं किया जाएगा, जब तक ये लोग मुसलमानों से जंग में अपनी राय या किसी और तरीक़े से मदद न करते हों। अगर मदद करते हों, तो उनको भी क़त्ल किया जाएगा।
- औरतों और बच्चों की हत्या की मनाही, क्योंकि ये लोग मुसलमानों से युद्ध नहीं करते। दरअसल अल्लाह की राह में युद्ध का उद्देश्य युद्धरत लोगों के दबदबे को तोड़ना है, ताकि इस्लाम की आवाज़ तमाम लोगों तक पहुँच सके।
- अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की दया की झलकियाँ युद्ध में भी देखने को मिलती हैं।
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