इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > अब्दुर रहमान बिन औफ़ और ज़ुबैर बिन अव्वाम (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्ल…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أنس بن مالك رضي الله عنه أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ، وَالزُّبَيْرَ بْنَ الْعَوَّامِ رضي الله عنهم ، شَكَوَا الْقَمْلَ إلَى رَسُولِ الله صلى الله عليه وسلم فِي غَزَاةٍ لَهُمَا فَرَخَّصَ لَهُمَا فِي قَمِيصِ الْحَرِيرِ وَرَأَيْته عَلَيْهِمَا.
इस्लाम एक आसान धर्म है, इसका एक उदाहरण यह है कि वह आवश्यक कारणों से हराम वस्तु के प्रयोग की भी अनुमति देता है। यहाँ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने ज़ुबैर तथा अब्दुर रहमान बिन औफ़ -रज़ियल्लाहु अनहुमा- को रेशमी कुर्ता पहनने की अनुति दी है, जबकि पुरुषों के लिए रेशमी वस्त्र वर्जित है। इस अनुमति का कारण यह है कि अल्लाह ने रेशम के अंदर ऐसी ख़ासियत रखी है कि वह जूँ की परेशानी को ख़त्म करता है और ख़ुजली का भी इलाज करता है। इन दोनों के अलावा अन्य लोगों को भी यदि ऐसी बीमारी हो, तो वह भी रेशमी वस्त्र का प्रयोग कर सकते हैं।
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