लोग क़ुबा में अभी सुब्ह की नमाज़ पढ़ ही रहे थे कि अचानक एक व्यक्ति उनके पास आकर बोलाः आज र…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: लोग क़ुबा में अभी सुब्ह की नमाज़ पढ़ ही रहे थे कि अचानक…

عن عبد الله بن عمر رضي الله عنهما قال: «بَينَمَا النَّاس بِقُبَاء في صَلاَة الصُّبحِ إِذْ جَاءَهُم آتٍ، فقال: إِنَّ النبِيَّ صلى الله عليه وسلم قد أُنزِل عليه اللَّيلةّ قرآن، وقد أُمِرَ أن يَستَقبِل القِبْلَة، فَاسْتَقْبِلُوهَا، وكانت وُجُوهُهُم إلى الشَّام، فَاسْتَدَارُوا إِلى الكَّعبَة».

हदीस की व्याख्या: लोग क़ुबा में अभी सुब्ह की नमाज़ पढ़ ही रहे थे कि अचानक…

एक सहाबी मदीने से निकलकर मदीने के बाहरी क्षेत्र में स्थित क़ुबा मस्जिद पहुँचे, तो देखा कि वहाँ के लोगों को क़िबला बदल जाने की सूचना नहीं मिली है और वे अभी तक पहले क़िबले की ओर मुँह करके नमाज़ पढ़ रहे हैं। अतः, उन्हें क़िबला बदलकर काबा के क़िबला होने की बात कही और बताया कि इस संबंध में क़ुरआन की आयत भी उतरी है। उनका इशारा इस आयत की ओर थाः {हम देख रहे हैं कि तुम आकाश की ओर अपना चेहरा कर रहे हो। हम निश्चय ही तुम्हें एक ऐसे क़िबले की ओर फेर देंगे, जिससे तुम प्रसन्न हो जाओगे। तो अपना मुँह मस्जिद-ए-हराम की ओर कर लो और जहाँ भी रहो, उसी की ओर मुँह करो और निश्चय जो लोग पुस्तक वाले हैं, जानते हैं कि यही उनके रब की ओर से है और सत्य है, और अल्लाह तुम्हारे कर्मों से अचेत नहीं है।} [सूरा अल-बक़राः 144] उन्होंने यह भी बताया कि आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने काबा की ओर मुँह कर लिया है। चुनांचे सहाबा की सूझबूझ और समझदारी देखिए कि उन्होंने बिना समय गँवाए पहले क़िबला बैतुल मक़दिस की ओर से मुँह फेरकर दूसरे क़बला काबा की ओर मुँह कर लिया।

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حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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