इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > मैं नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास उस समय पहुँचा, जब आप एक ताज़ा मिसवाक से दाँत साफ…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي موسى الأشعري رضي الله عنه قال: ((أتَيتُ النبي صلى الله عليه وسلم وهو يَسْتَاكُ بِسِوَاك رَطْب، قال: وطَرَفُ السِّوَاك على لسانه، وهو يقول: أُعْ، أُعْ، والسِّوَاك في فِيه، كأنَّه يَتَهَوَّع)).
अबू मूसा अशअरी कहते हैं कि वह नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए, तो देखा कि आप ताज़ा मिसवाक से दाँत साफ़ कर रहे हैं, क्योंकि इससे सफ़ाई अधिक होती है। वह मुँह के भीतर टूटती भी नहीं है कि किसी प्रकार का कष्ट हो। आप मिसवाक को जीभ पर रखकर इस तरह मिसवाक करने में अत्युक्ति कर रहे थे कि लग रहा था कि जैसे उल्टी कर रहे हों।
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