इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जब पुरुष, स्त्री की चार शाखाओं के बीच बैठ जाए और उसको भैंचे तो स्नान आवश्यक हो जाता है।
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه أَنَّ النَّبِيَّ - صلى الله عليه وسلم - قَالَ: ((إِذَا جَلَسَ بين شُعَبِهَا الأَربع، ثم جَهَدَهَا، فَقَد وَجَبَ الغُسْلُ)) .
وفي لفظ ((وإن لم يُنْزِل)).
जब पति पत्नी के दोनों हाथों तथा दोनों पैरों के बीच बैठ जाए और अपना जननेंद्रिय पत्नी की योनि में दाख़िल कर दे, तो दोनों पर जनाब का स्नान अनिवार्य हो जाता है; चाहे वीर्य का पतन हुआ हो या न हुआ हो। क्योंकि दाखिल करने मात्र ही स्नान अनिवार्य हो जाता है।
श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · ग़ुस्ल · ग़ुस्ल अनिवार्य करने वाली चीज़ें