पूरा वज़न करके और डंडी झुकाकर दे

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: पूरा वज़न करके और डंडी झुकाकर दे

عن أبي صَفْوان سُوَيْدِ بن قيس رضي الله عنه قال: جَلَبْتُ أنا وَمَخْرَمَةُ العَبْدِيُّ بَزًّا من هَجَر، فجاءنا النبي صلى الله عليه وسلم فَسَاوَمَنَا بسَرَاوِيلَ، وعندي وَزَّانٌ يَزِنُ بالأَجْر، فقال النبي صلى الله عليه وسلم للوَزَّان: «زِنْ وأرْجِح».

हदीस की व्याख्या: पूरा वज़न करके और डंडी झुकाकर दे

श्रेणियाँ : मामलात पर आधारित फ़िक़्ह · क्रय-विक्रय · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद