अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब अरफ़ा से मुज़दलिफ़ा की ओर चले तो किस गति से च…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब अरफ़ा से म…

عن عُرْوَةَ بن الزُّبَيْرِ قال: «سُئل أُسَامَةُ بن زَيْدٍ -وأنا جالس- كيف كان رسول الله صلى الله عليه وسلم يسيرُ حِينَ دَفَعَ؟ قال: كان يَسيرُ العَنَقَ، فإذا وجد فَجْوَةً نَصَّ».

हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब अरफ़ा से म…

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब अरफ़ा से मुज़दलिफ़ा की ओर जा रहे थे, तो उसामा बिन ज़ैद -रज़ियल्लाहु अनहुमा- आपके पीछे सवार थे। लिहाज़ा, वह अन्य लोगों की तुलना में आपके चलने के अंदाज़ से अधिक अवगत थे। यही कारण है कि उनसे आपके चलने की गति के बारे में पूछा गया, तो फ़रमाया : जब भीड़-भाड़ होती तो आप मध्यम गति से चलते थे, ताकि किसी को कष्ट न हो। लेकिन, जब रास्ता ख़ाली मिलता और किसी को कष्ट होने का भय न होता, तो गति थोड़ी तेज़ कर लेते थे।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · हज तथा उमरा · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · हज का तरीक़ा

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
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13 दिनों में अमावस्या
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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