इस्लाम > Hi > हदीस > इबदत पर आधरत फकह > अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सूरा नस्र उतरने के बाद जब भी कोई नमाज़ पढ़ी, उ…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयमुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा बयान फ़रमा रही हैं कि जब उच्च एवं महान अल्लाह ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर {إذا جاء نصر الله والفتح} अर्थात "जब अल्लाह की मदद और विजय आ जाए" उतारा, तो आपने फ़ौरन अल्लाह के आदेश {فسبح بحمد ربك واستغفره} "तो अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का वर्णन करो और उससे क्षमा माँगो।" का पालन करना शुरू कर दिया। चुनांचे आप नमाज़ के अंदर रुकू और सजदे में बहुत ज़्यादा "سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ رَبَّنَا وَبِحَمدِكَ، اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي" पढ़ते थे। «سبحانك» यानी ऐ अल्लाह! मैं तेरी पाकी बयान करता हूँ और तुझको हर कमी से शुद्ध क़रार देता हूँ, जो तेरी महिमा के योग्य नहीं है। «اللهم ربنا وبحمدك» ऐ अल्लाह, हमारे पालनहार! तेरी सर्वोत्तम स्तुति एवं आराधना कि तेरी ज़ात, तेरे गुण और तेरे कर्म सभी पूर्णतम के उच्चतम स्तर पर हैं। «اللهم اغفر لي» ऐ अल्लाह! मेरे गुनाहों को मिटा दे और उन्हें क्षमा कर दे।
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