इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > “सदक़ा करने से किसी का माल कम नहीं होता है, बंदो को क्षमा करने से अल्लाह माफ़ करने वाले के…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «مَا نَقَصَتْ صَدَقَةٌ مِنْ مَالٍ، وَمَا زَادَ اللهُ عَبْدًا بِعَفْوٍ إِلَّا عِزًّا، وَمَا تَوَاضَعَ أَحَدٌ لِلهِ إِلَّا رَفَعَهُ اللهُ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि सदक़ा धन को घटाता नहीं है, बल्कि एक तरफ़ इन्सान को विपत्तियों से बचाता है तो दूसरी ओर बदले में बहुत बड़ी भलाई प्रदान करता है। इसलिए यह धन में वृद्धि हुई कमी नहीं।
बदला लेने की क्षमता होते हुए जब माफ़ कर दिया जाता है, तो इससे इन्सान का सम्मान बढ़ता है।
जब कोई व्यक्ति अल्लाह के लिए विनम्रता धारण करता है, किसी के भय से, किसी को खुश करने के लिए और किसी से लाभ प्राप्त करने के लिए नहीं, तो बदले में अल्लाह उसे ऊँचा स्थान प्रदान करता है।
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