इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > "ऐ अल्लाह, सिर मुंडवाने वालों पर दया कर।" लोगों ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, बाल छोटे करवाने …
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عبد الله بن عُمر رضي الله عنهما عن رسول الله صلى الله عليه وسلم أنه قال: «اللَّهُمَّ ارحم الْمُحَلِّقِينَ. قالوا: والْمُقَصِّرِينَ يا رسول الله؟ قال: اللهم ارحم الْمُحَلِّقِينَ. قالوا: والْمُقَصِّرِينَ يا رسول الله؟ قال: اللهم ارحم الْمُحَلِّقِينَ. قالوا: والْمُقَصِّرِينَ يا رسول الله؟ قال: والْمُقَصِّرِينَ».
सर मुँड़वाना तथा बाल छोटे करवाना हज और उमरा के मनासिक (क्रिया-कलापों) में से है और बाल मुँड़वाना, छोटे करवाने की तुलना में उत्तम है; क्योंकि अल्लाह तआला की आज्ञापालन में सर के बालों को पूरे तौर पर हटा देने में अधिक समर्पण है। यही कारण है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सर मुँड़वाने वाले के लिए तीन बार रहमत की दुआ की, जबकि उपस्थित लोग आपको बाल छोटे करवाने वाले की याद दिलाते रहे। फिर तीसरी या चौथी बार बाल छोटे करवाने वालों को उनके साथ शामिल किया। यह, इस बात का प्रमाण है कि पुरुषों के हक़ में मुँड़वाना ही उत्तम है।
परन्तु, यदि समय 'तमत्तो' के उमरा का हो और वक़्त इतना कम हो कि हज के मुंडन के लिए बाल निकल न सकते हों, तो ऐसे में छोटे करवाना ही उत्तम है। क्योंकि उसे इसके बाद तो मुंडन करवाना ही है।
श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · हज तथा उमरा · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · हज तथा उमरा की फ़ज़ीलत · हज के वाजिब कार्य