फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह पर हदीसें

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«फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह» पर 1144 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- का प्याला टूट गया, तो टूटने के स्थान पर चाँदी का तार लगा दिया। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से शराब के बारे में पूछा गया, जिसे सिर्का बना लिया जाता है, तो आपने फ़रमाया : “ नहीं ” सह़ीह़ बेशक अल्लाह ने हर हक़ वाले को उसका हक़ दे दिया है और वारिस के लिए कोई वसीयत नहीं है। बिस्तर वाले के लिए बच्चा है और व्यभिचारी के लिए पत्थर है। जो पिता सह़ीह़ लड़की का पेशाब धोया जाएगा और लड़के के पेशाब पर छींटे मारे जाएँगे। सह़ीह़ वह उसे खुर्चेगी, फिर पानी से रगड़कर साफ़ करेगी, फिर धोएगी और उसी में नमाज़ पढ़ेगी। सह़ीह़ ख़ून को धो लेना ही तुझे काफ़ी है और उसका निशान तेरे लिए हानिकारक नहीं। सह़ीह़ यदि मेरी उम्मत पर कठिन न होता, तो मैं उन्हें आदेश देता कि प्रत्येक वज़ू के समय मिसवाक कर लिया करें। सह़ीह़ जिसे खुशी हो कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- का वज़ू सीखे, तो वह जान ले कि आपका वज़ू इसी तरह का हुआ करता था। स़ह़ीह़ जब तुममें से कोई नींद से जागे, तो तीन बार अपनी नाक में पानी डालकर झाड़ ले, क्योंकि शैतान उसकी नाक के अंदर रात गुज़ारता है। सह़ीह़ वज़ू सम्पूर्ण रूप से करो और उंग्लियों के बीच ख़िलाल करो तथा यदि रोज़े से न हो तो नाक में पानी डालकर अच्छी तरह से नाक झाड़ो। सह़ीह़ मैंने अम्मार बिन यासिर को दाढ़ी का ख़िलाल करते देखा तो उनसे कहा गया, अथवा यह कहा कि मैंने उनसे कहा : क्या आप दाढ़ी का खिलाल करते हैं? उन्होंने कहा : “ सह़ीह़ नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास दो तिहाई मुद पानी लाया गया, तो आपने -धाने के लिए- अपने बाज़ू को मलना शुरू कर दिया। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने वज़ू किया, तो कुल्ली की, फिर नाक में पानी डालकर नाक झाड़ा, फिर तीन बार चेहरे को धोया, दाहिने तथा बाएँ हाथ सह़ीह़ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने वज़ू करते समय अपनी पेशानी, पगड़ी तथा मोज़े पर मसह किया। सह़ीह़ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब वज़ू करते, तो अपनी दोनों कोहनियों पर पानी फेरते। सह़ीह़ जिसका वज़ू नहीं, उसकी नमाज़ नहीं और जिसने वज़ू करने से पहले अल्लाह का नाम नहीं लिया, उसका वज़ू नहीं। शवाहिद के आधार पर स़ह़ीह़ एक आदमी ने वज़ू किया और पैर में नाखून के बराबर जगह सूखी छोड़ दी। अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उसे देखा, तो फ़रमाया : “जाओ और अच्छी तरह वज स़ह़ीह़ “अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक साअ से पाँच मुद तक पानी से स्नान करते और एक मुद पानी से वज़ू करते थे।” स़ह़ीह़ “जो मुसलमान अच्छी तरह वज़ू करता है, फिर खड़े होकर मन तथा तन के साथ दो रकात नमाज़ पढ़ता है, उसके लिए जन्नत अनिवार्य हो जाती है।” सह़ीह़ मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को मोज़े के ऊपरी भाग का मसह करते हुए देखा है। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक सेना भेजी, जिन्हें ठंडी लग गई। जब वे वापस आए, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उन्हें प स़ह़ीह़ जब तुममें से कोई वज़ू करे और उसके बाद मोज़े पहने, तो उनको पहनकर नमाज़ पढ़े और उनपर मसह करे और चाहे तो उन्हें जुनबी हो जाने के सिवा किसी परिस्थिति में सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सहाबा आपके ज़माने में इशा की नमाज़ की प्रतीक्षा करते रहते थे, यहां तक कि उनके सिर नींद के कारण झुकने लगते सह़ीह़ अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी किसी पत्नी का चुंबन लिया, फिर नमाज़ के लिए गए और वज़ू नहीं किया सह़ीह़ वह तो उसी का एक टुकड़ा है सह़ीह़ जो अपने लिंग को छूए, वह वज़ू करे सह़ीह़ उसने पूछा: क्या मैं बकरियों के बाड़े में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: हां। उसने पूछा: क्या मैं ऊँटों के रहने की जहग में नमाज़ पढ़ूँ? आपने फ़रमाया: नहीं। सह़ीह़ जो मृत व्यक्ति को स्नान कराए वह स्वयं भी स्नान करे और जो उसे उठाकर ले जाए वह वज़ू करे ह़सन बेशक आँखें मलद्वार की रस्सी हैं, जब आँखें सो जाती हैं तो रस्सी ढीली पड़ जाती है सह़ीह़ बुख़ार जहन्नम की भाप से आता है, अतः उसे पानी से ठंडा करो सह़ीह़ आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) का अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर (रज़ियल्लाहु अनहुमा) से बात न करने तथा मन्नत मानने का क़िस्सा सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उहद के शहीदों के पास गए और आठ साल पश्चात उनके लिए दुआ की, जैसे जीवित तथा मृत को विदा कर रहे हैं और उनसे विदा सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छिपकली को मारने का आदेश दिया और फ़रमाया: यह इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पर फूँक मारती थी सह़ीह़ जिसने पहले ही वार में किसी छिपकली को मारा, उसके लिए सौ नेकी लिख दी जाएगी और दूसरे वार में मारने पर उस से कम और तीसरे वार में मारने पर उससे भी कम सह़ीह़ एक व्यक्ति ने कहा कि मैं सद्क़ा करूंगा, अतः वह सद्का लेकर निकला और उसे एक चोर को थमा दिया, तो लोग कहने लगे: चोर को सद्क़ा दिया गया है सह़ीह़ क्या तुझे इस जानवर के प्रति अल्लाह का भय नहीं होता, जिसका तुझे अल्लाह ने मालिक बनाया है? यह मुझ से शिकायत कर रहा है कि तू उसे भूखा रखता और थकाता है सह़ीह़ अनस (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है, वह कहते हैं कि जब हम किसी जगह पर उतरते तो पालान उतारने से पहले नफ़्ल नमाज़ नहीं पढ़ते थे सह़ीह़ जिस मुस्लिम व्यक्ति के बारे में चार व्यक्तियों ने भलाई की गवाही दी, अल्लाह उसे जन्नत में दाख़िल कर देगा सह़ीह़ तुममें से जिस महिला की तीन संतानें मर जाएँ, वह उसके लिए जहन्नम से आड़ बन जाती हैं ह़सन अब्दुल्लाह बिन अबू औफ़ा ने अपनी एक बेटी के ज़नाजे पर चार तकबीरें कहीं और चौथी तकबीर के बाद दो तकबीरों के बीच जितनी अवधि होती है, उसके समान खड़े रहे और सह़ीह़ इसकी तुमने प्रशंसा की, तो इसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई और इसकी तुमने बुराई की, तो इसके लिए जहन्नम वाजिब हो गई, तुम लोग वास्तव में धरती पर अल्लाह के ग सह़ीह़ मैंने तुम लोगों को आदेश दिया था कि अमुक और अमुक को जला दो लेकिन अल्लाह के सिवा कोई आग से यातना नहीं दे सकता, इसलिए यदि तुम उन्हें पाओ तो क़त्ल कर दो सह़ीह़ किसी के लिए उपयुक्त नहीं कि आग से सज़ा दे, सिवाये आग के रब के सह़ीह़ मैं बनी मुक़र्रिन का सातवाँ व्यक्ति था। हमारी एक दासी थी, जिसे सबसे छोटे भाई ने एक थप्पड़ मार दिया था, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सह़ीह़ मुजाहेदीन की पत्नियाँ, जिहाद में न जाने वालों के लिए उनकी अपनी माताओं के समान हराम हैं स़ह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने औरत का वस्त्र पहनने वाले मर्द पर और मर्द का वस्त्र पहनने वाली औरत पर लानत फ़रमाई है। सह़ीह़ पूरे बाल मुंडवा लो अथवा पूरे को छोड़ दो सह़ीह़ जब किसी के जूते का फीता टूट जाए तो दूसरे जूते में न चले, यहाँ तक कि उसे ठीक कर ले सह़ीह़ इसे बदल दो और काले ख़िज़ाब से बचो सह़ीह़ आज के बाद मेरे भाई पर रोया न करो सह़ीह़ सफेद बाल को न उखेड़ो, क्योंकि वह क़यामत के दिन मुस्लिम का नूर होगा स़ह़ीह़ अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने सर के कुछ भाग के बालों को मूँड़ने और कुछ भाग को छोड़ देने से मना किया है। ह़सन जो भी मरता है और उसपर रोने वाला कहता है: हे पहाड़! हे सरदार! अथवा इसी प्रकार की दूसरी बातें कहता है, तो दो फ़रिश्ते उस पर लगा दिए जाते हैं, जो उसके सी सह़ीह़ अब्दुल्लाह बिन रवाह़ा (रज़ियल्लाहु अनहु) बेहोश हुए तो उनकी बहन रो रो कर, हे पहाड़! आदि बार- बार कहने लगी, तो होश में आने के पश्चात फ़रमाया: तुमने जो क सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमसे जो नेक वचन लिए थे कि हम उनमें से किसी में भी आपकी अवज्ञा न करें, वे यह थे कि हम न चेहरे को नोचें और सह़ीह़ मस्जिदें पाख़ाना- पेशाब के लिए नहीं होती हैं, बल्कि अल्लाह के स्मरण तथा क़ुरआन के पठन- पाठन के लिए होती हैं सह़ीह़ एक व्यक्ति ने मस्जिद में कुछ ढूँढते हुए कहा: कौन लाल ऊँट को पहचानता है। इसपर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: तुम्हें न मिले, क्य सह़ीह़ यदि तुम दोंनों इसी शहर के होते तो मैं तुम्हें कष्ट देता, तुम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की मस्जिद में आवाज़ ऊँची करते हो सह़ीह़ ऐ लोगों! तुम यह दोनों पदार्थ- प्याज़ एवं लहसुन- खाते हो, मैं इनको बुरा समझता हूँ स़ह़ीह़ जिस व्यक्ति के पास क़ुरबानी का जानवर हो, जिसे वह ज़बह करने का इरादा रखता हो, तो जुल-हिज्जा का चाँद निकल आने के बाद वह क़ुरबानी से पहले अपने बालों और न
بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 17 जुमादा अल-अव्वल
الخميس 17 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.9 / 29.5
रोशनी 89%
12 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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