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सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عمران بن حصين رضي الله عنهما قَالَ: قَالَ رسولُ اللَّه -صَلّى اللهُ عَلَيْهِ وسَلَّم-: «الحَيَاءُ لاَ يَأْتِي إِلاَّ بِخَيرٍ».
وفي رواية : «الحَيَاءُ خَيرٌ كُلُّهٌ» أو قال: «الحَيَاءُ كُلُّهُ خَيرٌ».
हया इनसान का ऐसा गुण है, जो इनसान को अपने व्यक्तित्व को सुरूप एवं सुशोभित बनाने वाले कार्यों को करने तथा कुरूप एवं अशोभित करने वाले कार्यों से दूर रहने पर आमादा करती है। यही कारण है हया केवल भलाई ही लाती है। इस हदीस का परिदृश्य यह है कि एक व्यक्ति अपने भाई को हया के बारे समझा-बुझा रहा था और उसे हया करने से रोक रहा था। ऐसे में अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने यह बात कही।
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