इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > एक मुसलमान के दूसरे मुसलमान पर पाँच अधिकार हैं; सलाम का उत्तर देना, बीमार व्यक्ति का हाल ज…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه قال: سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم يقول: «حَقُّ الْمُسْلِمِ عَلَى الْمُسْلِمِ خَمْسٌ: رَدُّ السَّلَامِ، وَعِيَادَةُ الْمَرِيضِ، وَاتِّبَاعُ الْجَنَائِزِ، وَإِجَابَةُ الدَّعْوَةِ، وَتَشْمِيتُ الْعَاطِسِ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक मुसलमान के दूसरे मुसलमान पर कुछ अधिकार बयान कर रहे हैं। इनमें से पहला अधिकार सलाम करने वाले के सलाम का जवाब देना है।
दूसरा अधिकार बीमार व्यक्ति का हाल-चाल जानने के लिए जाना है।
तीसरा अधिकार मृतक के घर से उसके साथ नमाज़ के स्थान तक और वहाँ से क़ब्रिस्तान तक जाना और दफ़न हो जाने तक साथ रहना है।
चौथा अधिकार किसी ऐसे व्यक्ति का निमंत्रण स्वीकार करना है, जो उसे शादाी के वलीमे आदि में निमंत्रण दे।
पाँचवाँ अधिकार छींकने वाले का जवाब देना है। यानी जब कोई व्यक्ति छींकने के बाद अल-हम्दु लिल्लाह कहे, तो उसके जवाब में यरहमुकल्लाह कहना, जिसके जवाब में छींकने वाला यहदीकुमुल्लाह व युसलिहु बालकुम कहेगा।
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