इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > “जहाँ कहीं भी रहो, अल्लाह से डरते रहो, बुरे कर्म के बाद अच्छे कर्म कर लिया करो, अच्छे कर्म…
इमाम तिर्मिज़ी कहते हैं कि : यह ह़दीस़ ह़सन है।27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَبِي ذَرٍّ، جُنْدُبِ بْنِ جُنَادَةَ، وَأَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ، مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «اتَّقِ اللَّهَ حَيْثُمَا كُنْت، وَأَتْبِعْ السَّيِّئَةَ الْحَسَنَةَ تَمْحُهَا، وَخَالِقْ النَّاسَ بِخُلُقٍ حَسَنٍ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम तीन बातों का आदेश दे रहे हैं : पहली बात : तक़वा धारण करना। तक़वा धारण करने का मतलब है, अनिवार्य कार्यों को करना और हराम चीज़ों से बचना। स्थान, समय और परिस्थिति चाहे जो भी हो। गुप्त तथा व्यक्त दोनों रूप से। सुख एवं दुख दोनों अवस्थाओं में। दूसरी बात : अगर कोई बुरा काम हो जाए, तो उसके बाद कोई अच्छा काम, जैसे नमाज़ पढ़ना, सदक़ा करना, उपकार करना, रिश्तेदारों के साथ अच्छा व्यवहार करना तथा तौबा करना आदि कर लो। यह चीज़ें बुरे काम को मिटा देंगी। तीसरी बात : लोगों के साथ अच्छे आचरण वाला व्यवहार करो। मसलन उनसे मुस्कुराकर मिलना, विनम्रता धारण करना, भला करना और बुरा करने से बचना आदि।
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