अल्लाह अपने बंदे की तौबा से उस व्यक्ति से कहीं अधिक प्रसन्न होता है, जिसने किसी मरुभूमि मे…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अल्लाह अपने बंदे की तौबा से उस व्यक्ति से कहीं अधिक प्र…

عن أنس بن مالك رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «للَّهُ أَفْرَحُ بِتَوْبَةِ عَبْدِهِ مِنْ أَحَدِكُمْ، سَقَطَ عَلَى بَعِيرِهِ، وَقَدْ أَضَلَّهُ فِي أَرْضِ فَلاَةٍ».
وفي رواية: «لَلَّهُ أَشَدُّ فَرَحًا بِتَوْبَةِ عَبْدِهِ حِينَ يَتُوبُ إِلَيْهِ، مِنْ أَحَدِكُمْ كَانَ عَلَى رَاحِلَتِهِ بِأَرْضِ فَلَاةٍ، فَانْفَلَتَتْ مِنْهُ وَعَلَيْهَا طَعَامُهُ وَشَرَابُهُ، فَأَيِسَ مِنْهَا، فَأَتَى شَجَرَةً، فَاضْطَجَعَ فِي ظِلِّهَا، وقَدْ أَيِسَ مِنْ رَاحِلَتِهِ، فَبَيْنَا هُوَ كَذَلِكَ إِذَا هُوَ بِهَا، قَائِمَةً عِنْدَهُ، فَأَخَذَ بِخِطَامِهَا، ثُمَّ قَالَ مِنْ شِدَّةِ الْفَرَحِ: اللهُمَّ أَنْتَ عَبْدِي وَأَنَا رَبُّكَ! أَخْطَأَ مِنْ شِدَّةِ الْفَرَح».

हदीस की व्याख्या: अल्लाह अपने बंदे की तौबा से उस व्यक्ति से कहीं अधिक प्र…

अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने इस हदीस में बयान किया है कि अल्लाह बंदे के सच्चे मन से उसकी ओर लौटते हुए उसके आदेशों का पालन करने से उससे कहीं अधिक प्रसन्न होता है, जितना तुममें से कोई अचानक अपनी खोई हुई सवारी मिल जाने से होता है, जो यात्रा के दौरान किसी बियाबान (मरुभूमि) में हो और उसके पास न पानी हो, न खाना हो और न आस-पास कोई व्यक्ति हो। फिर इस अवस्था में उसकी सवारी का ऊँट गुम हो जाए और ढूँढने के बावजूद भी न मिल सके। ऐसे में वह एक पेड़ के पास जाकर उसके नीचे सो जाए और मृत्यु की प्रतीक्षा करने लगे। उसे न ऊँट मिलने की आशा हो और न जीवित बच पाने की उम्मीद, क्योंकि खाने-पीने का सामान ऊँट पर ही था। इसी दयनीय अवस्था में वह अचानक देखे कि उसका ऊँट सामने खड़ा है और उसकी मुहार उस पेड़ में फँसी हुई है, जिसके नीचे वह सोया हुआ है। क्या उसकी इस खुशी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है? इस खुशी की कल्पना केवल वही कर सकता है, जो इस प्रकार की परिस्थिति से गुज़रा हो। यह बहुत बड़ी ख़ुशी है। मृत्यु के पश्चात् जीवन की खुशी। यही कारण है कि उसने ऊँट की मुहार पकड़कर कहा : "ऐ अल्लाह! तू मेरा बंदा है और मैं तेरा प्रभु!" वह दरअसल अल्लाह की प्रशंसा करना और यह कहना चाहता था कि ऐ अल्लाह! तू मेरा प्रभु है और मैं तेरा बंदा, लेकिन अशेष प्रसन्नता के कारण कुछ और कह गया।

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سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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