इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > गुस्सा मत किया करो
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه: أَنَّ رَجُلًا قَالَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: أَوْصِنِي، قَالَ: «لَا تَغْضَبْ» فَرَدَّدَ مِرَارًا قَالَ: «لَا تَغْضَبْ».
एक सहाबी ने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से आग्रह किया कि उनको कोई ऐसी बात बताएँ, जो उनके लिए लाभकारी हो। अतः आपने उनसे कहा कि वह ग़ुस्सा न किया करें। यानी एक तो ग़ुस्सा दिलाने वाली चीज़ों से बचें और दूसरा जब ग़ुस्सा आ जाए, तो अपने ऊपर नियंत्रण रखें। ऐसा न हो कि क्रोध में आकर हत्या कर दें, मार दे या गाली-गलौज आदि कर दें।
उस सहाबी ने अपनी बात कई बार दोहराई और आपने हर बार इससे अधिक कुछ नहीं कहा कि ग़ुस्सा न किया करो।
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